एक छोटा, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित परीक्षण जो कुछ ही मिनटों में पहला संकेत देता है — यह निदान नहीं है, बल्कि अपने डॉक्टर से बातचीत शुरू करने का एक आधार है।
🧡 यह कोई चिकित्सा उपकरण नहीं है और यह निदान नहीं करता। यह परीक्षण Mini-Cog पर आधारित है — एक मुफ़्त उपयोग योग्य, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्क्रीनिंग पद्धति (डॉ. सू बोर्सन, यूनिवर्सिटी ऑफ़ वॉशिंगटन द्वारा विकसित)। डिमेंशिया या अल्ज़ाइमर का निदान केवल डॉक्टर ही विस्तृत जाँच के बाद कर सकते हैं। अगर आपको चिंता है — नीचे का परिणाम चाहे जो भी हो — तो हमेशा अपने डॉक्टर से बात करें।
चरण 1 / 3
तीन शब्द याद रखें
नीचे दिए तीन शब्द आराम से पढ़ें और उन्हें याद रखने की कोशिश करें। थोड़ी देर बाद आपसे इनके बारे में फिर पूछा जाएगा।
चरण 2 / 3
एक घड़ी बनाएँ
कागज़ और पेन लें (या स्क्रीन पर बनाएँ)। एक बड़ा गोला बनाएँ, सभी 12 अंक सही जगह पर लिखें, और सुइयाँ ऐसे बनाएँ कि घड़ी 11:10 दिखाए।
आराम से करें — कोई समय-सीमा नहीं है। पूरा होने पर, नीचे के सवालों का जवाब देने से पहले अपनी ड्रॉइंग को ध्यान से देखें।
चरण 3 / 3
वे तीन शब्द कौन-से थे?
चरण 1 के जितने शब्द आपको याद हैं, नीचे लिखें। हर पंक्ति में एक — वर्तनी पूरी तरह सही होना ज़रूरी नहीं।
यह परीक्षण क्या बताता है और क्या नहीं: ऐसा परीक्षण कभी भी डिमेंशिया या अल्ज़ाइमर रोग की पुष्टि या उसे ख़ारिज नहीं कर सकता। कई और चीज़ें परिणाम पर असर डाल सकती हैं — थकान, तनाव, घबराहट, सुनने या देखने की समस्याएँ, या बस एक ख़राब दिन। निश्चित जानकारी पाने का एकमात्र तरीका डॉक्टर से बात करना है।
Mini-Cog® (बोर्सन व अन्य) पर आधारित — एक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्क्रीनिंग उपकरण, मुफ़्त उपयोग, किसी लाइसेंस की ज़रूरत नहीं। यह वेब संस्करण स्व-रिपोर्ट वाला रूप है; मूल क्लिनिकल प्रक्रिया में घड़ी की ड्रॉइंग का मूल्यांकन स्वास्थ्यकर्मी करते हैं।